यूसिल में भ्रष्टाचार चरम पर : सिरमा देवगम ने यूसिल प्रबंधन से पुछा कब होगी अपराधी टिकी मुखी के अवैध आवास और दूकान आवंटन पर कारवाई , सम्पदा विभाग के अधिकारीयों पर कारवाई की मांग की

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जमशेदपुर :  जादूगोड़ा के नामचीन अपराधी व यूसिल के पूर्व सफाई कर्मचारी रसिक मुखी के पुत्र टिकी मुखी को अवैध रूप से यूसिल आवासीय कॉलोनी परिसर में मुफ्त आवासीय क्वार्टर आवंटन एवं गाँधी मार्केट परिसर में अवैध ढंग से संचालित प्ले स्कूल का मामला अब तूल पकड़ने लगा है l कोल्हान के चर्चित सामाजिक कार्यकर्त्ता एवं पूर्वी सिंहभूम के खनन माफियाओं पर झारखण्ड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर चुके सिरमा देवगम ने इस प्रकरण के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है l आलम ये है की यूसिल के भ्रष्ट अधिकारीयों के बीच अब ये भय समा गया है की कभी भी उन्हें कारवाई का सामना करना पड़ सकता है l  सिरमा देवगम ने यूसिल सी एम् डी कार्यालय को लिखे गए शिकायत में पुछा है की किस नियम के तहत जादूगोड़ा थाना के दलाल के रूप में चिन्हित अपराधी टिकी मुखी को मुफ्त आवास आवंटित किया गया है ?  यूसिल सम्पदा विभाग में हर दिन की प्रकरण को लेकर वहां के अधिकारी टिकी मुखी को बैठा कर अड्डेबाजी करवाते हैं ? चूँकि यूसिल एक अति संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाला संस्थान है ऐसे में एक अपराधी का प्रतिदिन यूसिल के कार्यालयों में बैठना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है l  उन्होंने कहा है की यूसिल अधिकारीयों की इस गंभीर लापरवाही से जल्द ही पत्र लिखकर देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को अवगत करवा कर ऐसे अपराधियों को संरक्षण देने वाले जिम्मेदार अधिकारीयों पर कारवाई का अनुरोध किया जायगा l

अब बात करते हैं गाँधी मार्केट परिसर में टिकी मुखी को आवंटित किये गए होटल की जिसे उसने यूसिल के पूर्व तकनिकी निदेशक राजेश कुमार की सरपरस्ती में अवैध तरीके से एक प्ले स्कूल में परिवर्तित कर लिया है l पूरी तरह से गैरकानूनी तरीके से संचालित ये स्कूल यूसिल द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करके चलाये जा रहे परमाणु उर्जा केन्द्रीय विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था को मूंह तो चिढ़ा ही रहा है साथ ही यूसिल प्रबंधन की शिक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्था पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है l स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं की हर बार यूसिल प्रबंधन द्वारा गाँधी मार्केट के सभी भोले – भाले दुकानदारों को अतिक्रमण का नोटिस दिया जाता है पानी बिजली काटी जाती है l मगर बात जब टिकी मुखी के अवैध प्ले स्कूल की आती है तो यूसिल के अधिकारीयों को सांप सूंघ जाता है l सिरमा देवगम ने होटल के आवंटन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए इसे अवैध बताया है l उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है की यूसिल के पूर्व सीएमडी दिवाकर आचार्य के कार्यकाल में यूसिल में कई घोटाले हुए l अपराधी टिकी मुखी को उपकृत करना भी उसी घोटाला प्रक्रिया का हिस्सा रहा है l इस दूकान के आवंटन के लिए कोई निविदा निकाले बिना सीधे तौर पर एक कागजी संस्था का मुखौटा लगा कर एक दागदार पृष्ठभूमि के आदमी को गिफ्ट के तौर पर दे देना वाकई सीएमडी जैसे जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा अपनी शक्ति के दुरूपयोग का नमूना है और  दिवाकर आचार्य द्वारा अपने कार्यकाल में ऐसी कई कारनामे किये गए जिसका खामियाजा यूसिल के वर्तमान अधिकारी भुगत रहे हैं l

यूसिल के अधिकारी बताते हैं की किसी भी गैर कर्मचारी को यूसिल आवासीय कॉलोनी परिसर में मुफ्त आवासीय क्वार्टर आवंटन का कोई नियम कम्पनी में निर्धारित नहीं है l यदि किसी ठेकेदार को कोई आवास उनके कर्मचारियों के लिए दिया जाता है तो उसके लिए बाकायदा पांच लाख की सुरक्षा राशि जमा ली जाती है साथ ही आवास के लिए निर्धारित किराया वसूल किया जाता है l सवाल घूमकर वही आ जाता है की कैसे एक अपराधी भारत सरकार के इस अति संवेदनशील संस्थान में किस आधार पर मुफ्त आवास , बिजली पानी सहित सभी सुविधाओं का हकदार बन गया ? वो पूर्व सीएमडी और तकनिकी निदेशक को ऐसा कौन सा व्यक्तिगत लाभ पहुंचा रहा था ? इस बात की जांच बहुत अवश्यक है l इसका जवाब वर्तमान में यूसिल के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के पास नहीं है l

इस पूरे प्रकरण में यूसिल सम्पदा विभाग के अधिकारीयों की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न उठने शुरू हो गए हैं l जब जिम्मेदार अधिकारीयों को ये मालूम है की गाँधी मार्केट में अवैध रूप से स्कूल का सञ्चालन किया जा रहा है और आवंटन से अधिक क्षेत्रफल भूमि का अतिक्रमण किया गया है तो इसपर कारवाई क्यों नहीं की गयी ? वहीँ दूसरी तरफ सम्पदा विभाग के कुछ अधिकारी ये मानते है की गाँधी मार्केट में होटल को स्कूल के रूप में बदलना पूरी तरह से कम्पनी के आवंटन नीति -नियमो के खिलाफ है और अवैध है l साथ ही मुफ्त आवास आवंटन को किसी भी तरह से वैध नहीं ठहराते हैं l एक अधिकारी ने दबी जुबान में बताया की यूसिल सम्पदा विभाग के ही कुछ शौक़ीन अधिकारीयों की एक टोली इस नामचीन अपराधी को संरक्षण दे रही है l इसका कारण है की वो अधिकारी अपने विरोधी अधिकारीयों पर दवाब बनाने के लिए टिकी मुखी को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करते है l

सिरमा देवगम ने बताया की चूँकि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा एवं आदिवासियों मूलवासियों तथा विस्थापितों के अधिकारों के हनन से जुड़ा है और अति संवेदनशील है इसलिए यूसिल के सीएमडी कार्यालय के जवाब का इंतज़ार है l उसके बाद आवश्यक कदम उठाये जाएंगे l उन्होंने कहा की इस प्रकरण में जिम्मेदार सभी अधिकारीयों की सूचि तैयार की जा रही है वो जहाँ भी होंगे उन्हें कानूनी करवाई का सामना करना होगा l

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