चाईबासा :- तांतनगर थाना क्षेत्र मे पड़ने वाले इलीगाड़ा बालू घाट मे विगत 10 दिनों से फिर एक बार अवैध रूप से बालू का उठाव शुरू हो गया है, जहाँ इस बालू घाट से प्रति दिन लगभग 100 ट्रेक्टर बालू का उठाव किया जा रहा है, इस बालू घाट मे सुबह से लेकर शाम तक लगभग 25 से 30 ट्रेक्टर को नदी मे लगातार बालू उठाव करते हुए देखा जा सकता है और यहाँ से उठाव किये जाने वाले अवैध बालू को चाईबासा शहर व आस-पास के क्षेत्रों मे 3700 से 4000 रु प्रति ट्रेक्टर के दर से बेचा जा रहा है,केवल इलिगाड़ा बालू घाट के इस काले कारोबार से ही बालू माफिया राजू गिरी को प्रति दिन 1 लाख रु की कमाई हो रही है, यही हाल मुफसील थाना क्षेत्र मे पड़ने वाले मौदी बालू घाट का भी है,जहाँ राजू गिरी परदे के पीछे रहकर अपने मंसूबों को अंजाम देने मे जुटा है, मिली जानकारी के अनुसार राजू गिरी ने सुनील बानरा व अर्जुन देवगम तथा महेश्वर देवगम नामक तीन गुर्गो को इस कार्य मे लगाया है,इस बालू घाट से उठाव किये जाने वाले बालू को आयता गांव से मुखर्जी पुलिया की ओर जाने वाले रास्ते मे पड़ने वाले ईचा बांध के पुनरवास स्थल मे भंडारण किया जा रहा है, तथा रात के अँधेरे मे राजू गिरी अपने हाईवा मे लादकार बेचने का काम कर रहा है,सूत्रों के मुताबिक इस अवैध स्टॉक यार्ड से प्रतिदिन लगभग चार हाइवा बालू बाजार मे खापया जा रहा है,बताया जाता है कि वर्तमान मे,एक हाईवा बालू की कीमत 30000 रु है !
मुफसील थाना क्षेत्र का बडा मौदी बालू घाट
चाईबासा के खनन विभाग का राजू गिरी के प्रति मौन समर्थन,दोनों बालू घाटों मे अवैध खनन को लेकर अंडर टेबल डील
विश्वस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तांतनगर थाना क्षेत्र के इलीगाड़ा बालू घाट व मुफसील थाना क्षेत्र के बडामौदी बालू घाट मे अवैध खनन को लेकर बालू माफिया राजू गिरी का खनन विभाग के साथ अंडर टेबल डील हो गया है,यही कारण है कि राजू गिरी के द्वारा दोनों बालू घाटों मे अवैध खनन के काले कारनामों को धड़ल्ले से अंजाम दिया जाने लगा है, इस संबंध मे विगत 18 दिसंबर को झारखण्ड जागरण के टीम के द्वारा जिला खनन पदाधिकारी से पूछे जाने पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई करने की बात कही थी,पर उनके द्वारा इस दिशा मे अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने से अंडर टेबल वाली डील की ओर इशारा कर रहा है !
छापेमारी से पूर्व बालू माफिया राजू गिरी को मिल जाती है सूचना
ज्ञात हो कि अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों मे उड़न दस्था टीम कार्य करती है,जिसका सदस्य संबंधितथानाक्षेत्र के थाना प्रभारी होते हैं, उनपर अवैध खनन मे लिप्त लोगों पर लगाम कसने की जिम्मेदारी होती है, लेकिन कई बार ऐसा देखा जाने लगा है, ज़ब पुलिस को अवैध खनन की जानकारी दी जाती है, तो पुलिस जाँच करने जरूर पहुँचती है, पर उसके आने से पूर्व ही बालू चोर कुछ देर के लिए मौके से फरार हो जाते हैं, एवं पुलिस के चले जाने के उपरांत अवैध खनन का बाजार फिर से सज जाता है, ऐसे मे यह एक जाँच का विषय है कि,छापेमारी की सूचना, बालू माफिया राजू गिरी एन्ड टीम तक कौन पहुँचाने का काम कर रहा है !
बालू माफिया राजू गिरी का मैनेजर मंगल महाकुड़ की फाइल फोटो
प्यालो की शौकीन राजू गिरी शाम होते ही हो जाता है नशे मे धुत, सारी जिम्मेदारी मंगल महाकुड़ के कंधों पर
प्राप्त जानकारी के अनुसार बालू माफिया राजू गिरी नशे का आदी है,शाम होते ही नशे मे धुत हो जाता है,ऐसी परिस्थिति मे अवैध गोरखधंदे की सारी जिम्मेदारियां राजू गिरी का मैनेजर मंगल महाकुड़ के कंधों पर आ जाता है, जो सारा लेखा – जोखा रखता है