डीडी बार हिमांशु हत्याकांड में दो लाख का इनामी मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी एसआईटी, भाजपा नेता नीरज सिंह भी भेजे गए जेल

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जमशेदपुर :  बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के डीडी बार के बाहर हुए बहुचर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड  मामले के मुख्य आरोपी और दो लाख रुपये के इनामी अपराधी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने बुधवार को पुलिस की तमाम कोशिशों को धता बताते हुए जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करते हुए अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि हत्या की पूरी साजिश, अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा किया जा सके।

इसी के साथ पुलिस ने भाजपा नेता नीरज सिंह को भी बुधवार को जेल भेज दिया। पुलिस ने नीरज सिंह के खिलाफ हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है।  हिमांशु सिंह हत्याकांड में पुलिस अब तक नौ आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले रविवार को डीडी बार के संचालक और भाजपा नेता नीरज सिंह को राजस्थान में उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वह अपने पुत्र के साथ खाटू श्याम मंदिर से दर्शन करके निकल  रहे थे। पुलिस ने बार के प्रबंधक विजय कुमार को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

 

विश्वनाथ मंडल सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया का निवासी है। पुलिस उसे इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता मान रही थी और घटना के बाद से ही उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही थी। गिरफ्तारी के लिए उस पर दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। इसके बावजूद वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा और अंततः उसने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यदि पूछताछ के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उसी के अनुरूप केस को आगे बढ़ाया जाएगा। विश्वनाथ मंडल के सरेंडर के बाद अब पुलिस की प्राथमिकता उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करना है। जांच एजेंसियों का मानना है कि उससे पूछताछ के दौरान हमले की पूरी योजना, हत्या के पीछे की वजह, फरार आरोपियों की भूमिका और घटना के दौरान शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से मामले में कई नए खुलासे होंगे। मालूम हो कि यह सनसनीखेज घटना 27 जून की रात बिष्टुपुर स्थित डीडी बार परिसर में हुई थी। पुलिस के अनुसार, हिमांशु सिंह, प्रत्युष आनंद और उनके दो साथियों का दूसरे पक्ष के युवकों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद आरोपितों ने कुल्हाड़ी, चाकू, चापड़ और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में हिमांशु सिंह और प्रत्युष आनंद गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई थी। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की 29 जून को टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि प्रत्युष आनंद का इलाज कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है। हिमांशु सिंह की मौत के बाद पूरे शहर में भारी आक्रोश देखने को मिला था। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया था। मृतक हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह की शिकायत पर बिष्टुपुर थाना में डीडी बार के संचालक नीरज सिंह, प्रबंधक विजय कुमार, सोनू राम सरदार, विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा, राहुल, राज लोहार, अमित लोहार, अर्जुन लोहार, गणेश लोहार, लखन मार्डी तथा अन्य अज्ञात आरोपितों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला और अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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