Ranchi :- जमीन घोटाला मामले में रांची जिले के पूर्व उपायुक्त व आइएएस अधिकारी छवि रंजन की मुश्किलें बढ़ती दिखायी दे रही हैं। सेना की जमीन घोटाला मामले में सात लोगों की गिरफ्तारी और रिमांड में लिए जाने के बाद अब ईडी ने IAS छवि रंजन को समन भेजा है। अब ईडी उनसे पूछताछ करेगी। ईडी ने छवि रंजन को समन जारी कर 21 अप्रैल को रांची के ईडी जोनल कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा है। अब ईडी के सामने छवि रंजन लैंड स्कैम से संबंधित सवालों के जवाब देंगे।

13 अप्रैल को ईडी ने मारा था छापा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार 13 अप्रैल को सरकारी जमीन की हेराफेरी के मामले में आईएएस अधिकारी छवि रंजन, अंचल अधिकारी मनोज कुमार सहित जमीन के कारोबार से जुड़े 18 लोगों के कुल 21 ठिकानों पर छापा मारा। छापामारी के दायरे में झारखंड के 18, बिहार के एक और पश्चिम बंगाल के दो ठिकानों को शामिल किया गया है। छवि रंजन फिलहाल समाज कल्याण निदेशक के पद पर पदस्थापित हैं।
सात लोगों से ईडी कर रही पूछताछ
छवि रंजन से पहले इसी जमीन घोटाला मामले में ईडी सात लोगों को रिमांड में लेकर पूछताछ कर रही है। ईडी जिन लोगों से पूछताछ कर रही है, उनमें प्रदीप बागची, बड़गाई अंचल के सीआई भानु प्रताप प्रसाद, अफसर अली, इम्तियाज अहमद, तलहा खान, फैयाज खान और सद्दाम हुसैन के नाम शामिल हैं। लैंड स्कैम मामले में भाजपा नेता बाबुलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आड़े हाथों लेते हुए आइएएस अधिकारी छवि रंजन को नौकरी से बर्खास्त करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजने की बात कही है।
ऐसे हुआ था फर्जीवाडे का खुलासा
दरसल जिस जमीन घोटाला मामले में ईडी कार्रवाई एवं आरोपियों से पूछताछ कर रही है, उस घोटाले का खुलासा पहले ही आयुक्त की जांच रिपोर्ट में हो चुका है। सेना के कब्जे वाली जमीन की खरीद-बिक्री मामले में जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आ चुकी है कि प्रदीप बागची नाम के शख्स ने फर्जी रैयत बनकर दिलीप कुमार घोष को यह जमीन बेच डाली थी। प्राथमिकी नगर निगम ने दर्ज करायी थी इस मामले के संज्ञान में आने के बाद रांची नगर निगम की ओर से बरियातू थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। रांची नगर निगम के कर संग्रहकर्ता दिलीप शर्मा ने जालसाजी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि प्रदीप फर्जी दस्तावेज दिखाकर दो-दो होल्डिंग ले लिया था। आयुक्त की जांच में सेना के कब्जे वाली जमीन का असली रैयत जयंत करनाड मिला था।










