पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 26 फरवरी को माताजी आश्रम हाता में भगवान रामकृष्ण परमहंसदेव की 187 वी जयंती सह माताजी आश्रम का 85 वा वार्षिक उत्सव बिबिध अनुष्ठान के साथ भब्य रूप आरम्भ हुआ । कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 4.30बजे मंगल आरती और प्रभाती कीर्तन से हुआ । 7.30 बजे जयदेव बनर्जी ने चंडी पूजा और चंडी पाठ किया।8.00 बजे से ठाकुर,माँ और स्वामीजी की बिशेष पूजा की गई।9 बजे सुनील कुमार दे ने माताजी आश्रम टीम के साथ,,गयार गदाधर,,लीला गीति प्रस्तुत की गई।10.30 बजे धर्म सभा हुई जिसका विषय था सबके ठाकुर श्रीरामकृष्ण ।इस सभा का शुभारंभ रामकृष्ण विवेकानंद मठ देवघर के संस्थापक उदय महाराज ने धूप द्वीप प्रज्वलित करके किया।इस अबसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पोटका के विधायक संजीव सरदार,बिशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी शेखर दे,उप प्रमुख उर्मिला समाद, पूर्व विधायक मेनका सरदार,पूर्व जिला परिषद चंद्रवती महतो,पूर्व सिविल सर्ज़ेन डॉक्टर अरविंद कुमार लाल,समाजसेवी सुनील महतो आदि उपस्थित थे।कृष्ण कांत मंडल ने स्वागत भाषण दिया।स्वागत संगीत बिनय कालिंदी ने प्रस्तुत की।सुनील कुमार दे ने आश्रम का बार्षिक प्रतिवेदन पाठ किया।शंकर चंद्र गोप,सुधांशु मिश्र,शेखर दे,डॉक्टर अरविंद कुमार लाल ने अपना अपना महत्व पूर्ण बिचार रखे।उदय महाराज ने कहा,,रामकृष्ण परमहंस देव् इस युग के अवतार हैं।उन्होंने पापी धार्मिक,ज्ञानी अज्ञानी,पतित पतिता सभी को कृपा किया था। सभी का जीवन में भक्ति और ज्ञान का संचार किया था। रामकृष्णदेव सबके ठाकुर थे।

मुख्य अतिथि विधायक संजीव सरदार ने कहा,,आज सचमुच माताजी आश्रम ज्ञान,भक्ति और अध्यात्मिकता का केंद्र बन चुका है। कार्यक्रम की अध्यक्षता रघुनंदन बनर्जी ने किया । धन्यवाद ज्ञापन हरगौरी महतो ने किया। सभा का संचालन राजकुमार साहू ने किया।12 बजे ठाकुर जी की भोग,आरती,पुष्पांजलि और होम हुआ।1 बजे महा प्रसाद वितरण और नरनारायण सेवा हुआ।2.30 रामकृष्ण की जीवनी संबंधित प्रश्न उत्तर हुआ।3बजे भक्ति संगीत कार्यक्रम हुआ जिसमें फाल्गुनी,जयश्री दास गुप्त,बीथिका मंडल,पतित पावन दास, प्रवीर दास, भास्कर दे, तोड़ित मंडल ,मुकुल मंडल,टिंकू मिश्र,शिवतोष नाग,शान्तु,द्वीप शिखा आदि ने भाग लिया।4 बजे हरिलुट और 6 बजे संध्या आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अबसर पर हीरा लाल दे,इंद्रजीत हुई,पद्मावती कुंडु,दुलाल मुखर्जी, विश्वामित्र खंडायत, महितोष मंडल,संतोष मंडल,समीर मंडल,तापस मुखर्जी, आनंद साहू,नारायण चटर्जी,बिद्युत पाल, चंदना पाल, तपन मंडल,स्वपन मंडल,सहदेब मंडल,कविता महतो,असित मंडल,अश्विनी मंडल,अरविंद दे,तपन दे,तरुण दे,लोचना मंडल,अंजलि मंडल,अनुसूया मंडल,सुजाता मरल,बन्दना मंडल,काजल मंडल,मुकुल मंडल,सनातन महतो,शलमा हांसदा,सावित्री गोप,बुलु मंडल,बेवी मंडल,महेश बियानी, इरा पालित,शिला पालित, बिरेन मंडल,तपन मंडल,झरना मंडल,चंचल हालदार,हेम चंद्र पात्र, बलराम गोप,बिद्युत बनर्जी,अरुण महतो,प्रशांत दे,मधुसूदन भट्टाचार्य,बिमल मंडल,बिमल कुमार मंडल,चंद्रिका मुखर्जी,साधना बनर्जी,मिथुन साहू,बिनोद ज्योतिषी,मलय सेन के अलावे बिभिन्न गांव के काफी संख्या में महिलाएं और भक्तगण उपस्थित थे।










