चाईबासा – ज्ञात हो कि अवैध लॉटरी कारोबारी एवं चकरधरपुर थाना मे दर्ज कांड संख्या 88/2022 के मुख्य सरगना सिकंदर यादव ने विगत 13 मार्च को न्यायालय मे आत्मसमर्पण कर दिया, साथ ही साथ उसने उसने जमानत को लेकर आवेदन भी दिया था, जिसे माननीय न्यायालय ने अस्वीकार कर दिया ! प्राप्त जानकारी के अनुसार सिकंदर यादव के अधिवक्ता के द्वारा कोर्ट मे बहस करते हुए, यह बताया गया कि इस मामले मे सिकंदर यादव पुरी तरह से निर्दोष हैं, एवं छापेमारी के द्वारान कोई लॉटरी टिकट उसके आवास से बरामद नहीं हुए थे ! वहीं दुसरी ओर सरकारी वकील के जमानत याचिका का विरोध किया !
पुरे मामले को अध्ययन करने के उपरांत माननीय न्यायालय ने झारखण्ड के वित्त विभाग द्वारा विगत दिनांक 6 दिसंबर 2008 को जारी अधिसूचना संख्या 3646 का हवाला देते हुए, यह बताया कि उक्त अधिसूचना के तहत पुरे झारखण्ड के अंदर अन्य राज्यों के लॉटरी टिकट बेचना या प्रमोट प्रतिबंधित हैं, कोर्ट ने यह भी कहा कि यह मामला अनुसन्धान के क्रम से गुजर रहा हैं, एवं आरोपी सिकंदर यादव के ऊपर संगीन आरोप लगे हैँ, लिहाजा जमानत याचिका को अस्वीकार किया जाता हैं










