जमशेदपुर : नगर निकाय चुनाव की घोषणा अभी होनी बाकी है मगर अभी से मानगो नगर निगम चुनाव को लेकर मानगो क्षेत्र में सियासी तापमान गर्म होने लगा है। इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सीट महिलाओं के लिए आरक्षित है l इसी घोषणा के बाद कई दबंगों, राजनीतिक हस्तियों, और विगत विधानसभा चुनाव में अपनी सीट गँवा कर फिर से सियासत में घुसने के लिए कसमसा रहे बड़े नेताओं ने अपनी बिसातें बिछानी शुरू कर दी हैं l सीधी इंट्री तो संभव है नहीं सो “भागते भूत का लंगोट ही सही” के तर्ज पर और अपने रसूख को बनाये रखने के लिए और मुकाबले में खुद को कैंडिडेट बनाए रखने के लिए ऐसे लोग मेयर पद के क्रीमी सीट के लिए अपनी- अपनी पत्नियों के नामों की घोषणा कर चुके हैं। ताकि शेडो मेयर बन कर फिर से एक बार पॉवर गेम का हिस्सा बन सकें l कभी सियासतदान रहे नेताओं , पूंजीपतियों और गेटिंग -सेटिंग में माहिर रहे इन हस्तियों की लोकलुभावन घोषणाओं ने मानगों के वोटरों का ध्यान तो उनकी ओर खींचा है परंतु वोटर इनसे प्रभावित नजर नहीं दिखाई दे रहे। हाँ चौक- चौराहों पर चाय की चुस्कियों के बीच चर्चा करने के लिए आम लोगों को एक चटपटा विषय जरुर मिल गया है l अब चूँकि ये पब्लिक है सब जानती है तो मतदाता यह बात भली भांति समझ रहे हैं कि ऐसे लोग अपनी पत्नियों को प्रत्याशी के तौर पर आगे कर खुद ही मेयर की ड्राइविंग सीट पर बैठना चाहते हैं। मगर इस बार मुकाबला इतना आसान भी नहीं दिखाई दे रहा है क्योंकि इन सब से इतर पिछले लगभग 30 वर्षों से क्षेत्र में शिक्षा का खामोशी से अलख जगा रही मानगो के वार्ड संख्या 13 की निवासी शिक्षाविद किरण कुमारी ने स्वयं को प्रत्याशी घोषित कर चुनावी समर में उतरने का एलान कर दिया है l
कचरे की सफाई, नाली की सफाई से इतर किरण कुमारी का मानना है कि शिक्षाविद् की हैसियत से नौजवानों को फ्री एजुकेशन काउंसलिंग उपलब्ध करवाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा हेतु पिंक पेट्रोलिंग को अपने क्षेत्र में अनिवार्य करवाना भी अत्यंत ही जरूरी है ताकि महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ सके।
अपनी प्राथमिकता सूची में शिक्षाविद किरण कुमारी ने महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों से जोड़ने की बात भी की है, जिससे महिलाओं में स्वालंबन की भावना मजबूत हो सके और वह घर की चार दिवारी से बाहर निकलकर स्वालंबन की राह पर आत्मनिर्भर बन सके। इतना ही नहीं उन्होंने निरक्षर काम काजी महिलाओं को शिक्षित करने के लिए भी एक योजना तैयार की है l ताकि हर वर्ग की महिला इतनी साक्षर हो सके की वो अपनी मतलब की जानकारी को स्वयं लिख पढ़ सके l
इधर किरण कुमारी की इस घोषणा के बाद वे लोग जो बाकी सारे मुद्दे गिना चुके है अब किसी नए विषय -वस्तु की तलाश में लग गए हैं ताकि उसे अपनी घोषणाओं में जोड़ा जा सके l










