चाईबासा :- राजनगर प्रखंड क्षेत्र मे पड़ने वाले हेरमा बालू घाट मे विगत चार महीनों से बालू का अवैध खनन किया जाने लगा है,जिससे सरकार को प्रति दिन लाखों रु का राजश्व क्षती पहुँचाया जा रहा है, इस अवैध खनन के काले कारनामें को अंजाम देने के लिए रूंगटा कंपनी के पास स्थित एक होटल संचालक और सुखमोल कैवर्त के द्वारा बाहरी माफियाओं से सम्पर्क स्थापित कर बालू का परिवहन किया जा रहा है !

हेरमा बालू घाट से प्रतिदिन रात के अँधेरे मे जमशेदपुर की ओर लगभग 10 से 15 हाईवा बालू की आपूर्ति
जानकारी के अनुसार सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र मे पड़ने वाले हेरमा बालू घाट से प्रति दिन लगभग 10 से 15 हाईवा बालू का परिवहन किया जाने लगा है, प्राप्त जानकारी के अनुसार हेरमा बालू घाट मे ड्रम से बना हुआ नावों से सैकड़ों ट्रेक्टर बालू खनन कर भंडारण किया जाता है, और रात 10 बजे के आस -पास राजनगर एवं जमशेदपुर के कई हाईवा बालू लेने के लिए हेरमा गांव पहुँच जाते हैँ, जिन्हे प्रत्येक हाईवा मे 17000 रु लेकर JCB मशीन के सहारे बालू लाद दिया जाता है, एवं बालू माफियाओं के द्वारा लगभग 35000 रु लेकर जमशेदपुर के बाजारों मे बेच दिया जाता है !
झारखण्ड की लघु खनिज समुनुदान संशोधन नियमावली 2026 के संबंध मे विस्तार रूप से जानने के लिए निचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें —
राजनगर थाना क्षेत्र मे झारखण्ड खनिज समुनिदान नियमावली 2026 का घोर उलघंन,फाइन नहीं कटने से सरकार को प्रतिदिन लाखो रु की राजश्व क्षती
झारखण्ड सरकार ने अवैध खनन एवं भंडारण पर रोक लगाने के लिए ( अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण ) संशोधन नियमावली 2026 लागु कर दी है, नये प्रावधानो मे बिना अनुमति के परिवहन एवं भंडारण करने वालों पर दंड का प्रावधान किया गया है, नये नियम के अनुसार ट्रेक्टर के ऊपर 50,000/- रु, मेटाडोर पर 100000 /- रु, जबकि छपाहिया पर 200000/- रु तथा डंपर एवं हाईवा के ऊपर 500000/- रु का जुर्माना लगाने का नियम बनाया गया है !
हेरमा बालू घाट के माफियाओं के आगे प्रशासन बेवस,विगत चार माह के एक भी कार्रवाई नहीं
हेरमा बाल घाट से दिन भर लगभग 300 ट्रेक्टर बालू का उठाव किया जाता है,जिसे हेरमा गांव के पास ही भंडारण किया जाता है,और रात के अँधेरे मे हाईवा जैसी भारी वाहनों मे लादकर परिवहन करते हुए जमशेदपुर के बाजारों मे बेचा जाता है ! बालू माफियाओं के विरुद्ध प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होने से न केवल बालू माफियाओं के हौसले बुलंद है, बल्की क्षेत्र मे आपराधिक घटना घटने की आशंका भी बनी हुई है, तथा जिस प्रकार से सारी नियमों को ताक मे रखकर बालू का खनन किया जाने लगा है, इससे सरकार को राजश्व क्षती पहुँचने के साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुँचाया जाने लगा है !










