प्रतिदिन बढ़ते तापमान के साथ -साथ पोटका प्रखंड में जल संकट भी बढ़ता जा रहा है. आलम ये है की गांवों में पंचायत स्तर से लगे सोलर जलमीनार भी अब जवाब दे चुके हैं. जिसके कारण पेयजल संकट उत्पान हो गया है. ग्रामीणों के सामने समस्या ये है की मुखिया उनकी सुनते नहीं अब वे जाएँ तो कहाँ जाएँ ? यही कारण है की ग्रामीणों के बीच आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे आन्दोलन के मूड में आ गए हैं. आसनबनी पंचायत के तिलामुड़ा गाँव में किंकर कुमार गिरी के घर के सामने स्थित जलमीनार तथा राधू कुमार गिरी के घर के सामने का भी जलमीनार खराब पड़ा है. वहीँ तेतला पंचायत के गितिलाता गाँव में स्थित हरी मंदिर के सामने स्थित जलमीनार एवं तुड़ी गाँव में शरत कुमार महतो के घर के सामने लगा जलमीनार भी खराब पड़ा हुआ है. जनप्रतिनिधियों से शिकायतें करके आजिज आ चुके ग्रामीण अब आन्दोलन के मूड में हैं और 19 अप्रैल को उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन का मूड बना रहे हैं.

पूर्व जिला पार्षद एवं सामजिक कार्यों में हमेशा सक्रीय रहने वाले करूणामय मंडल का कहना है की पोटका प्रखंड में पंचायतों में स्थित जलमीनारों की हालत बहुत खराब है. काफी लम्बे समय से कई जलमीनार खराब पड़े हैं. मगर उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है. पंचायत के मुखियाओं ने जलमीनार लगा कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली है. मरम्मत की बात करने पर सभी चुप्पी साध लेते हैं. उन्होंने बताया की कई बार पोटका के प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी इस सम्बन्ध में जानकारी दी गयी है मगर परिणाम शून्य है . उन्होंने कहा की गर्मी चरम पर है यही स्थिति रही तो बहुत जल्द पोटका प्रखंड में कृत्रिम जल संकट उत्पन्न हो जायगा. करुणामय मंडल ने कहा की जल्द ही ग्रामीणों के साथ मिलकर इस समस्या से जिले की उपायुक्त को अवगत करवाते हुए समाधान का आग्रह किया जायगा.










