बंगला झारखंड की बुनियादी भाषा है इसलिए पहले झारखंड के हर रेल स्टेशन पर स्टेशन का नाम बंगला में भी हिंदी और इंग्लिश के साथ लिखा जाता था और रेलवे समय सारणी और ट्रेन आने जाने की घोषण भी बंगला में की जाती थी जो बहुत दिनों से बंद कर दी गई हैं। आज बंगभाषी संस्थाओं की ओर दे यूनियन क्लब के सचिव श्री सितांक सेन ने झारखंड राज्य सभा के सांसद महुआ माझी को एक ज्ञापन दिया है जिसमें फिर से कोल्हान के गालूडीह, चाकुलिया, हल्दीपोखर सह हर रेल स्टेशन में बंगला भाषा में भी स्टेशन का नाम लिखने और ट्रेन आने जाने की घोषण बंगला में भी कराने के लिए निवेदन किया गया है।










