शहर के चर्चित वर्षा पटेल हत्याकांड के दोषी पूर्व एएसआई धर्मेंद्र कुमार को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. इसके अलावा कोर्ट ने उसपर जुर्माना भी लगाया है. इस मामले में 25 फरवरी को अदालत ने धर्मेंद्र को दोषी करार दिया था. मामले की सुनवाई करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश अनिल कुमार मिश्रा की अदालत ने धर्मेंद्र को सजा सुनाई. इस मामले में मृतका के परिजनो की ओर से अधिवक्ता विद्या सिंह ने पैरवी की. उन्होंने बताया कि मामले में अनुसंधानकर्ता सुंदर सोरेन समेत कुल 9 लोगों की गवाही हुई थी.
गवाही में सुंदर ने बताया था कि 12 नवंबर 2021 को वह वर्षा के घर पर आने के पहले ही शाम 7 बजे घर पर पहुंच गया था. इसके बाद रात 10 बजे वह अपनी बाइक (जेएच 02 एन- 3166) से वर्षा को लेकर वीमेंस कॉलेज रोड होते हुये अपने घर पहुंचा था. वर्षा को अपने घर लेकर जाने के बाद पहले उसके सिर को दीवार से टकराया था. इस बीच वह जमीन पर गिर गयी थी. जमीन पर गिरते ही उसने गला और मुंह को दबा दिया था. वर्षा का दम घुटते ही उसने हाथ की नस को देखा था कि सांस चल रही है या नहीं. घटना की रात ही धर्मेंद्र ने फ्लैट के सुरक्षाकर्मी विपट सिंह को यह कहकर साथ लेकर गया कि घर का पूजा का सामान है. उसे जल्द दी नदी में विसर्जित करना होगा. इसके बाद सुरक्षाकर्मी को लेकर मानगो पुल गया और दो झोला फेंकने के बाद सुरक्षाकर्मी को छोड़ दिया. इसके बाद शव को तार कंपनी तालाब में फेंक दिया था. 18 नवंबर 2021 की सुबह टेल्को थाना क्षेत्र के तार कंपनी तालाब से वर्षा का शव बरामद किया गया था.
कोर्ट का फैसला वर्षा पटेल के परिजनों के लिए काफी राहत लेकर आया वर्षा की माँ लक्ष्मी पटेल ने कहा की अंततः अदालत से न्याय मिल ही गया और हत्यारा अपने अंजाम तक पहुँच गया . उन्होंने कहा की उनकी लड़ाई हत्यारे के साथ -साथ सिस्टम से भी रही क्योंकि पुलिस पदाधिकारियों का पूर्ण सहयोग नहीं मिल रहा था मगर अंत में सत्य की जीत हुई है . वह अदालत का धन्यवाद करती हैं . बेटी की कमी हमेशा महसूस होगी मगर आज उसकी आत्मा को शांति मिल गयी होगी .










