चाईबासा :- चाईबासा के सेरेंगसिया घाटी मे शहीद वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन मे कहा कि देश मे आदिवासी जज एवं वकीलों की घोर कमी है,अगर कहीं हैँ भी तो इक्के-दुक्के,जो किसी कोने मे दबे कुचले पाये जायेंगे,यही कारण है कि आदिवासियों को न्याय नहीं मिल पाती है,उन्होंने राज्य के युवाओं से कानून की पढ़ाई कर जज -वकील, आइएस तथा आईपीस बनने का अपील किया,ताकी आदिवासी सरकारी पद मे आसीन हो कर,उन्हें CNT -SPT एक्ट की समझ होंगी,तब जाकर आदिवासी अपनी लड़ाई खुद लड़ पाएंगे और उन्हे न्याय मिल पायेगा,साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आसाम का उदाहरण देते हुए,कहा कि गुलामी के दौर अंग्रेजों को द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों से बन्दुक की नौक पर आदिवासियों को आसाम मे बसाया गया,जिन्हे चाय के बगानों मे चाय पत्ती तोड़ने के लिए लगाया गया था, उन्होंने कहा कि आदिवासी ही देश के असल मुलवासी हैँ,जबकी वर्षों गुजर जाने के बाद भी आसाम के आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति वर्ग के बजाये OBC वर्ग मे रखा गया है,उन्होंने कहा वहां के आदिवासियों के ऊपर लगातार जुल्म किया जा रहा है और सरकारें हाथ पे हाथ रखी हुई हैँ !
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मुख्यमंत्री के हाथों 1479 युवाओं को नियुक्ति पत्रों का वितरण,साथ मे करोड़ों रु की विकास योजनाओं का शिलान्यास
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखंड स्थित ऐतिहासिक सेरेंगसिया घाटी स्थित शहीद स्मारक पहुंचे,जहां उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और आदिवासी अधिकारों के लिए बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कुछ क्षण मौन रखकर उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया। इस दौरान उन्होंने कई विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही विभिन्न विभागों में चयनित 1,479 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों में खासा उत्साह देखा गया। कार्यक्रम मे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावे मंत्री दिपक बिरुवा, सांसद जोबा मांझी, विधायक निरल पूर्ति आदी उपस्थित रहे










