बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड की कुमारडूबि पंचायत स्थित फुलकुड़िया, प्रतापपुर, मालकुंडा गांव का बरसात में रागड़ो नदी बह जाने के कारण टापू बन गया है. रागड़ो नदी के किनारे बसे इन गांव में लगभग 120 परिवार निवास करते हैं. इन गांव के तीन दिशाओं में खेत से घिरा है. गांव से मुख्य सड़क तक निकलने के लिए 2 से 3 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है. नदी में जब जलस्तर काफी बढ़ गया है तब इस गांव के बच्चे 3 माह तक स्कूल नहीं जा पाते हैं. गांव के सुबल सिंह, भरत सिंह, बिसु सिंह, सपन सिंह, हेमन्त सिंह, गोपाल धुली, निताई धुली, गौरंग धुली, शामापद धुली, सुबल बैठा, धबल गीरि, जोतिन गीरि, निमाई गीरि, राधेश्याम दास, सनत दास, फनी दास आदि के मुताबिक नदी पर पुल नहीं होने के कारण बरसात में 3 महीना टोला से निकलना मुश्किल हो जाता है. काफी दिनों से यहां एक पुल निर्माण की मांग की जा रही है. परंतु इस दिशा में अब तक कोई पहल नहीं हुई है. इसके कारण प्रत्येक वर्ष बरसात में ग्रामीण अपने घरों में कैद होने के लिए मजबूर हो जाते हैं. मरीजों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो जाता है.
अत्यंत दयनीय हालत में है सड़क की स्थिति:-

इन चार गांव को वर्तमान में कीचड़युक्त और खराब रखरखाव वाले सड़क का सामना करना पड़ता है, खासकर मानसून के दौरान. इससे परिवहन बुरी तरह बाधित हो गया है और स्थानीय ग्रामीणों को काफी असुविधा हो रही है. गर्भवती महिलाओं और गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को सड़क की खतरनाक स्थिति के कारण समय पर चिकित्सा देखभाल प्राप्त करना बेहद मुश्किल हो रहा है, जिन्हें निकटतम उचित सड़क तक पहुंचने के लिए खटिया के सहारे लगभग 2 किमी की यात्रा करनी पड़ती है.










