शिव शक्ति संघ द्वारा जादूगोड़ा यूसिल शिव मंदिर प्रांगण से भगवान् जगन्नाथ जी की भव्य रथ यात्रा निकाली गयी. इस मौके पर भगवान के रथ को काफी भव्य तरीके से सजाया गया और सुसज्जित रथ पर बैठकर भगवान् जगन्नाथ , बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र को भक्तों ने पूरे यूसिल कॉलोनी का भ्रमण करवाया. सर्वप्रथम ओडिशा से आये पुरोहित चन्दन पाणिग्रही ने भगवान् के रथ में छेरा पोहरा किया . इसके बाद भक्तों द्वारा भगवान् की प्रतिमाओं को रथ पर लाकर विरजमान कर उनका श्रींगार किया गया. इस दौरान पूरा मंदिर परिसर जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंजता रहा. इसके बाद भक्तों द्वारा फूलों से सजे रथ पर बैठा कर भगवान् को पूरे यूसिल कॉलोनी क्षेत्र का भ्रमण करवाया गया. रथ के साथ – साथ गोविन्द सम्प्रदाय के स्व दुर्लभ दास कीर्तन मंडली के सदस्य हरे कृष्ण हरे राम का कीर्तन करते हुए चल रहे थे. करीब 1000 से ऊपर महिला एवं पुरुष भक्तों ने भगवान के रथ को खींचा. रथ खीचने वाले श्रद्धालुओं के लिए जगह -जगह पर शीतल पेय और पानी की व्यवस्था की गयी थी. पूरे कॉलोनी क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद रथ को वापस मंदिर परिसर के बगल में बने मौसी बाड़ी में लाया गया. जहाँ भगवान् सात दिनों तक रहने के बाद फिर 28 जून को बेहूड़ा यात्रा के बाद अपने स्थान में वापस लौटेंगे. इस दौरान हर दिन मंदिर परिसर में अखंड महाभोग की व्यवस्था की गयी है. रथ वापसी के बाद मंदिर परिसर में खिचड़ी और खीर पर प्रसाद वितरण किया गया.
प्रशासन द्वारा आयोजन की सुरक्षा के लिए राजस्व उप निरीक्षक कन्हाई लाल हंसदा दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किये गए थे इसके अलावा मुसाबनी की बीडीओ सीमा कुमारी, घाटशिला के सीओ राजीव कुमार भी लगातार घूम घूमकर विधि व्यवस्था का जायजा ले रहे थे. जादूगोड़ा थाना की ओर से सहायक अवर निरीक्षक दिनेश कुमार राय सशस्त्र बल के साथ पूरे समय उपस्थित रहे.
इस आयोजन को सफल बनाने में शिव शक्ति संघ के महासचिव तथा मंदिर के प्रधान पुरोहित ददन पाण्डेय, वाराणसी से आये पुरोहित विकास शास्त्री, अभिमन्यु सिंह, मनोज कुमार नायक, कृष्णा यादव,अजय कुमार साह, महेश यादव, अमित पाण्डेय, अरविन्द पाण्डेय, रुद्राक्ष पाण्डेय, ओम प्रकाश पाण्डेय, देवानंद महतो, आदि की सक्रीय भूमिका रही. वहीँ गोविन्द सम्प्रदाय के स्व दुर्लभ दास कीर्तन मंडली के सदस्यों में अनूप कुमार दास, सुभाष भकत,बसंत दास सुसेन दास,चंडी चरण दास, सुधीर दास ने भी मधुर भजन प्रस्तुत किये.










