अखिल भारतीय जनाधिकार सुरक्षा समिति के बैनर तले शनिवार को हाथी से प्रभावित गांव के ग्रामीण डाकबंगला परिसर से जुलूस निकाल कर मुख्य पथ होते हुए वन विभाग कार्यालय पहुंचकर वन विभाग कार्यालय का घेराव किया. रैली में शामिल लोग हाथी के हमले से ग्रामीणों को सुरक्षा देना होगा, हाथी के हमले से मृत व्यक्ति के आश्रितों को 10 लाख रुपए मुआवजा देना होगा, वन विभाग होश में आओ आदि नारा लगा रहे थे. चाकुलिया वन क्षेत्र में विगत तीन माह से हाथियों का आवागमन बढ़ गया है और क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आए दिन हाथियों का झुंड प्रवेश कर जमकर उपद्रव मचा रहे हैं. हाथियों के उत्पात से ग्रामीण काफी आक्रोशित है. रैली वन विभाग कार्यालय के समक्ष पहुंचकर कार्यालय के मुख्य द्वार पर जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की. वही वन विभाग के पदाधिकारी के नहीं रहने से लोगों ने रोष व्यक्त किया. इस दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए लोगों ने कहा कि जंगली हाथी हजारों एकड़ फसल को पैरों तले रौंदकर बर्बाद कर दिया है इससे किसानों को भारी नुक्सान पहुंचा है. हाथी से क्षेत्र में जान माल की क्षती हो रही है और हाथी अबतक दर्जनों घरों को क्षतिग्रस्त कर चुका है. हाथी के भय से ग्रामीण रातजगा करने पर मजबूर है और हाथियों के भय से स्कूली बच्चें स्कूल जाने से कतरा रहे हैं. सभा के माध्यम से ग्रामीणों ने विभाग के पदाधिकारी से विभाग के पदाधिकारी समय पर किसानों को बाजार मुल्य के आधार पर क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराए. कहा कि हाथियों के झुंड वन क्षेत्र में शरण लिए हुए है परंतु विभाग के पदाधिकारी हाथियों को भगाने में नाकाम साबित हुए हैं. लोगों ने विभाग के पदाधिकारी से मांग किया है कि हाथियों के झुंड को गांव से दूर ले जाए और हाथियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाए, चाकुलिया में हाथी कोरिडोर बनाए और हाथियों के लिए पर्याप्त पानी और भोजन की व्यवस्था की जाये. हाथी के हमले से मृत व्यक्ति के परिजनों को 4 से बढ़ाकर 10 लाख रुपए मुआवजा देने और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की गयी है. इस मौके पर भागवत टुडू, ईश्वर टुडू, चन्द्रमोहन मांडी, हरिशंकर महतो, पंकज महतो, सिमंत बारिक, पानमुनी सिंह, गिरिश चन्द्र महतो, रविन मुंडा, परमेश्वर मांडी, सहदेव नायेक, नंदलाल हांसदा, हाड़ीराम मुर्मू, कापरा हेंब्रम, भूषण महतो, प्रधान बेसरा आदि उपस्थित थे.










