भाजपा नेता दुलाल भुइयां ने कहा एमएमडीआर संशोधन विधेयक के विरोध में झामुमो का धरना – प्रदर्शन पार्टी के नेता कार्यकर्ताओं तक सीमित रह गया

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जमशेदपुर :  केंद्र सरकार के एमएमडीआर संशोधन विधेयक के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से शनिवार, 19 सितंबर को राज्यभर के प्रखंड मुख्यालयों पर आयोजित धरना-प्रदर्शन को भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां ने पूरी तरह विफल करार दिया। उन्होंने कहा कि झामुमो द्वारा बड़े स्तर पर प्रदर्शन का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर जनता कहीं दिखाई नहीं दी l पूरा धरना -प्रदर्शन पार्टी के नेता कार्यकर्त्ता तक सिमट गया l   इससे स्पष्ट है कि राज्य की जनता झामुमो के इस आंदोलन से खुद को जोड़ नहीं पाई।

दुलाल भुइयां ने कहा कि केंद्र सरकार के एमएमडीआर संशोधन विधेयक को लेकर झामुमो और कांग्रेस जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से जुड़े कानून और उसके प्रावधानों को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय राज्य सरकार को यह बताना चाहिए कि झारखंड की खनिज संपदा का इस्तेमाल राज्य के विकास, रोजगार और औद्योगिक विस्तार के लिए किस तरह किया जा रहा है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है, लेकिन खनन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रोजगार, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और विकास का अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने झामुमो से सवाल किया कि राज्य में बंद पड़ी खदानों, खनन प्रभावित क्षेत्रों और स्थानीय युवाओं के रोजगार को लेकर सरकार ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं। भुइयां ने आरोप लगाया कि झामुमो सरकार अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए केंद्र सरकार के कानूनों के खिलाफ आंदोलन का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि शनिवार को आयोजित धरना-प्रदर्शन में जिस तरह की जनभागीदारी की उम्मीद झामुमो ने की थी, वह दिखाई नहीं दी। उन्होंने इसे राजनीतिक रूप से भीड़ जुटाने की कवायद बताते हुए कहा कि जनता अब वास्तविक मुद्दों पर सरकार से जवाब चाहती है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दुलाल भुइयां ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार को मिलकर झारखंड के खनिज संसाधनों का पारदर्शी तरीके से उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि राज्य में उद्योग, रोजगार और विकास को गति मिल सके।

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